🌸 श्री शत्रुंजय महात्म्य एवं स्तवन भक्ति 🌸
क्या आप जानते हैं…
असंख्य शाश्वत जिनालयों में से श्री शत्रुंजय गिरिराज एक ऐसा सिद्धक्षेत्र है,
जहाँ पहुँचना केवल यात्रा नहीं — अनेक जन्मों के पुण्यों का परिणाम है।
कहा गया है कि जो आत्मा मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर होती है,
वही श्री गिरिराज की स्पर्शना का सौभाग्य प्राप्त करती है। 🙏
और जब एक माँ गर्भ में शिशु के साथ स्तवन-भक्ति करती है,
तो वे पावन स्पंदन सीधे शिशु के संस्कारों में उतरते हैं।
गर्भकाल में की गई आराधना
शिशु के जीवन की आध्यात्मिक नींव बन जाती है। ✨
हो सकता है हमें शारीरिक यात्रा का अवसर कब मिले, यह निश्चित न हो…
पर इस बार अपने शिशु के साथ करें एक दिव्य भावयात्रा। 💛
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💻 Zoom (Online)
Speaker: Mrs. Snehaben Shah
यह केवल एक कार्यक्रम नहीं,
यह गर्भ संस्कार का पवित्र संकल्प है।
Save ur date 🌿✨



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